एआई और सिविल इंजीनियरिंग का समन्वय ही स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव

देहरादून । ग्राफिक एरा में 20 देशों के विशेषज्ञों ने एकमत होकर कहा कि आने वाले समय में एआई और सिविल इंजीनियरिंग का समन्वय ही स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की नई दिशा तय करेगा। सिविल इंजीनियर्स को एआई और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में दक्ष बनना होगा, ताकि डेटा और आधुनिक तकनीकों के आधार पर अधिक सुरक्षित और कम लागत वाला इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके।

आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बठिंडा के रीजनल रिसर्च स्टेशन के साइंटिस्ट डा. अनुराग मलिक ने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग का भविष्य अब केवल ईंट, कंक्रीट और स्टील तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई और स्मार्ट टेक्नोलॉजी इसके स्वरूप को बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियर्स को एआई के साथ काम करने की क्षमता विकसित करनी होगी, ताकि स्मार्ट डिजाइन, बेहतर सुरक्षा, संसाधनों के कुशल उपयोग और कम लागत के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके।

सम्मेलन में कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने क्लाइमेट रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग और डिजाइन केवल आज की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य में सामने आने वाले क्लाइमेट चेंज और उससे जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में कार्बन एमिशन कम करने, वाटर कंजर्वेशन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

प्रयागराज के एमएनएनआईटी के प्रोफेसर डा. अनुपम रावत और वियतनाम की टोन डुक थांग यूनिवर्सिटी की डा. तियाशा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

सम्मेलन में इटली, लाइबेरिया, मलेशिया, स्विट्जरलैंड, अमेरिका , यूके और वियतनाम सहित 20 देशों के 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय इस सम्मेलन में सस्टेनेबल फ्लड मिटिगेशन, , कार्बन फुटप्रिंट असेसमेंट, कंस्ट्रक्शन सेफ्टी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसे विषयों पर 110 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।

इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ रिसर्च और यूनिवर्सिटी ऑफ सरे ने संयुक्त रूप से से किया। सम्मेलन में डिपार्टमेंट हेड डा. के. के. गुप्ता , कन्वीनर डा. दीपक कुमार सिंह ,ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डा. करण सिंह और राहुल वैष्णव सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।

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