
देहरादून, । उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाले हरेला पर्व को इस बार ऐतिहासिक बनाया जाएगा। देहरादून जनपद में थीमैटिक पौधरोपण के जरिए 15.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे ईको-टूरिज्म को नई ऊंचाई मिलेगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि यह अभियान मात्र रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा-भरा बनाने का जन-आंदोलन होगा।
थीमैटिक पौधरोपण से बनेगा ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’
ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें 50 प्रतिशत फलदार और चारा प्रजाति के होंगे। देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। पौधों की 5 साल तक देखभाल की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि वन क्षेत्र का दीर्घकालिक विकास हो सके।
‘हरित कंट्रोल रूम’ से होगी पल-पल की निगरानी
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष ‘हरित कंट्रोल रूम’ स्थापित किया जाएगा, जो पूरे माह भर चलने वाले पौधरोपण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। सभी सरकारी विभागों को 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, ट्री-गार्ड और पौधों के परिवहन की तैयारी पूरी करनी होगी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, शिक्षा, खेल, पेयजल और सड़क विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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