विपदा में तीसरे दिन भी डटे धामी: राहत, राखी और रिश्तों की मिसाल

धराली/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार तीसरे दिन राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। शुक्रवार को क्षेत्र में बिजली, पानी और संचार नेटवर्क बहाल होने से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिली है। इस बीच, एक मार्मिक दृश्य ने सभी का दिल जीत लिया जब गुजरात की एक महिला ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं की मिसाल कायम की।

मुख्यमंत्री का तीसरा दिन: राहत और पुनर्वास का जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को धराली में राहत और बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके दुख-दर्द साझा किए और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। धामी ने कहा, “राज्य सरकार तेजी से बिजली, पानी, संचार और सड़क संपर्क बहाल करने में जुटी है। प्रभावितों के पुनर्वास और क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने जिलाधिकारी को क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने धराली के पुनर्निर्माण को केदारनाथ धाम की तर्ज पर करने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने बेहतर से बेहतर प्रयास करने का आश्वासन दिया। धामी की निगरानी में अब तक 600 से अधिक यात्रियों को हेलीकॉप्टर से उत्तरकाशी और देहरादून पहुंचाया गया है, जिसमें शुक्रवार को हर्षिल से 260 यात्री मातली भेजे गए।

राखी का भावुक पल: आपदा में उभरी मानवता
रक्षाबंधन से ठीक पहले धराली में एक मार्मिक दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया। अहमदाबाद की धनगौरी बरौलिया, जो गंगोत्री दर्शन के लिए आई थीं, आपदा में धराली में फंस गई थीं। रेस्क्यू टीमों ने उनके परिवार को सुरक्षित निकाला। कृतज्ञता और भावुकता में उन्होंने अपने दुपट्टे का टुकड़ा फाड़कर मुख्यमंत्री धामी को राखी बांधी। यह दृश्य वहां मौजूद सभी की आंखें नम कर गया। धामी ने इस भावना को विनम्रता से स्वीकार करते हुए कहा, “हम हर प्रभावित के साथ खड़े हैं। राहत और पुनर्वास हमारी प्राथमिकता है।”

बुनियादी सुविधाएं बहाल, राहत कार्य युद्धस्तर पर
सरकार के अथक प्रयासों से शुक्रवार को धराली में बिजली और संचार नेटवर्क बहाल हो गया। हर्षिल बगोरी में मोबाइल सेवा शुरू होने से लोगों को अपनों से संपर्क करने में आसानी हुई। क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने का काम भी युद्धस्तर पर जारी है। धराली और हर्षिल में दो सामुदायिक रसोई चल रही हैं, जहां प्रभावितों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मातली हेलीपैड से राहत सामग्री की खेप रवाना की और सुबह 7 बजे से हेलीकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू अभियान को तेज किया। दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से मातली पहुंचाया गया। दो आईएएस और दो आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में राहत कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं।

सामूहिक प्रयास: प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का योगदान
मुख्यमंत्री के साथ क्षेत्रीय विधायक सुरेश चौहान, डीजीपी दीपम सेठ, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी अरुण मोहन जोशी, डीएम प्रशांत आर्य, एसपी सरिता डोबाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि राहत कार्यों में जुटे हैं। सचिव गृह शैलेश बगौली सुबह 7 बजे से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

धराली में उम्मीद की किरण
आपदा के बीच धराली में राहत कार्यों की तेजी और मुख्यमंत्री की सक्रियता ने प्रभावितों में उम्मीद जगाई है। राखी के इस भावनात्मक क्षण ने यह भी दिखाया कि विपदा में भी मानवता और एकजुटता की ताकत कितनी बड़ी है। सरकार का लक्ष्य न केवल तात्कालिक राहत बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास और पुनर्निर्माण है, ताकि धराली फिर से अपनी रौनक हासिल कर सके।

हर्षिल – धराली की इस आपदा ने जहां चुनौतियां खड़ी कीं, वहीं मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व और स्थानीय लोगों की एकजुटता ने राहत की नई मिसाल कायम की। यह चुनौती न केवल राहत कार्यों की, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की ताकत की भी गवाही देती है।

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