
देहरादून। TET की अनिवार्यता के विरोध और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सोमवार को देहरादून में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर सचिवालय घेराव किया गया। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखंड ने कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन और सक्रिय सहभागिता दी। प्रदेशभर से आए शिक्षकों, कर्मचारियों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में जुटकर एकजुटता दिखाई।
वक्ताओं ने कहा कि TET की अनिवार्यता से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों में अनावश्यक असुरक्षा पैदा हो रही है, जिसे सरकार को प्राथमिकता से सुलझाना चाहिए। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने भी आवाज बुलंद की।
NOPRUF के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों-कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। आज का विशाल जनसमूह प्रमाण है कि कर्मचारी-अब अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से TET अनिवार्यता और ओपीएस बहाली पर संवेदनशीलता से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

NOPRUF के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि ओपीएस बहाली कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय का विषय है। NOPRUF प्रदेश के सभी कर्मचारी-शिक्षक संगठनों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने घोषणा की कि ओपीएस बहाली की मांग को लेकर NOPRUF 1 अक्टूबर को ‘आर-पार महारैली’ करेगा। महारैली में प्रदेशभर के कर्मचारी, शिक्षक, पेंशन विहीन कार्मिक और संगठनों के प्रतिनिधि जुटेंगे। उन्होंने सभी से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी का आह्वान किया।
प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि कर्मचारी-शिक्षक लंबे समय से मांगों के समाधान की प्रतीक्षा में हैं। सरकार को स्थायी समाधान देते हुए ओपीएस पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। NOPRUF का संघर्ष कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जारी रहेगा।
मीडिया प्रभारी कीर्ति भट्ट ने सचिवालय घेराव को कर्मचारी-शिक्षक एकता का उदाहरण बताया और कहा कि NOPRUF कर्मचारी हितों की आवाज लगातार मजबूती से उठाता रहेगा।


अंत में NOPRUF ने राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए संयुक्त संघर्ष मजबूत करने का संकल्प दोहराया। रैली में जसपाल सिंह गुसाईं, लक्ष्मण सिंह सजवाण, राजीव उनियाल, अवधेश सेमवाल, आशीष जोशी, अंकित रौथाण, प्रवीण सिंह पंवार सहित अनेक पदाधिकारी शामिल हुए।

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