
नीट पर कांग्रेस के आरोप राजनीति से प्रेरित, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ : भाजपा
छात्रों के भविष्य के लिए भाजपा समर्पित, कांग्रेस संवेदनहीन: भाजपा
परीक्षा प्रक्रिया में धामी सरकार के ऐतिहासिक कदमों के आगे कांग्रेस का झूठ टिकना असंभव : भट्ट
देहरादून । भाजपा ने नीट परीक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, कांग्रेस छात्रों के भविष्य की कीमत पर घटिया राजनीति कर रही है। देवभूमि के युवा बहुत समझदार और जागरूक, उन्हें पीएम मोदी और सीएम धामी पर पूरा भरोसा है। लिहाजा दिल्ली से आए राहुल के संदेशवाहकों के झूठ एवं प्रपंच में नहीं फंसने वाले।
कांग्रेसी आरोपों को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। कहा कि उन्हें देश के छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। वे केवल और केवल इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण कर अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं बेंगलुरु रैली विवाद पर भी कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि हाल ही में 21 जून को हुई नीट पुनर्परीक्षा के दिन बेंगलुरु में कांग्रेस ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। इस रैली के कारण लगे भीषण ट्रैफिक जाम की वजह से कई छात्रों की परीक्षा छूट गई। इस पूरे घटनाक्रम से पुनः स्पष्ट हुआ कि कांग्रेस को देश के होनहार छात्रों के भविष्य से ज्यादा अपनी राजनीतिक रैली और कार्यक्रमों की चिंता होती है।
इसी क्रम में उनके नेता दिल्ली से आकर उत्तराखंड के युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास करने आ रहे हैं। लेकिन देवभूमि के भविष्य की पीढी बहुत जागरूक एवं समझदार है। उन्हें पीएम मोदी और सीएम धामी की नीतियों एवं नीयत पर पूरा विश्वास है, वे विपक्षी की नकारात्मक राजनीति के झांसे में नहीं आने वाले। वे नीट की पुनः परीक्षा के सकुशल सम्पन्न होने से हताश और निराश हैं।
उन्होंने दोनों दलों की सोच का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने खुद हवाई अड्डे पर 45 मिनट तक सिर्फ इसलिए इंतजार किया ताकि नीट अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। दूसरी तरफ कांग्रेस है, जिसने छात्रों की परीक्षा के दिन अपनी रैली तक रद्द करना जरूरी नहीं समझा। हमारी सरकार पारदर्शी व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिसे केंद्र के साथ राज्य की निष्पक्ष, पारदर्शी, ईमानदार और व्यवस्थित परीक्षा प्रक्रिया को देखकर आसानी से समझा का सकता है। प्रदेश में मुख्यमंत्री धामी ने कठोरतम नकल कानून लागू कर कांग्रेस के जमाने से जड़े जमाए नकल माफियाओं को उखाड़ फेंका है। लिहाजा उनका यह दांव देवभूमि में बिल्कुल असर नहीं करने वाला है।
उन्होंने कांग्रेस की सरकारों पर पेपर लीक की ‘जननी’ और नकल माफियाओं की संरक्षक होने का आरोप लगाया। राजस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जिस तरह लगातार परीक्षाएं रद्द हुईं और पेपर लीक हुए, वह इतिहास में दर्ज है। कांग्रेस का शासनकाल देश में पेपर लीक की ‘जननी’ रहा है, इसलिए उन्हें इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस हमेशा से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती आई है। नीट परीक्षा पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली कांग्रेस का असली चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है।

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