

अल्मोड़ा । हरेला पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया तथा बाद में वृद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना करते हुए उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
जागेश्वर धाम में पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रावणी मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 147 करोड़ रुपये की लागत से संचालित जागेश्वर मास्टर प्लान के तहत धाम का सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। परियोजना में मंदिर की प्राचीन गरिमा और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस धाम के प्रति आकर्षण बढ़ा है और पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
इसके बाद मुख्यमंत्री वृद्ध जागेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा राज्य की निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में कन्याओं को प्रसाद भी वितरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर देश के प्राचीन एवं प्रमुख शिव धामों में से एक है और इसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान पूरे देश में विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृद्ध जागेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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