बेटी का सौदा कर खुद रची अपहरण की साजिश, मां ही निकली मानव तस्करी की मास्टरमाइंड

डेढ़ लाख की डील, न मिलने पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश; दून पुलिस ने मुजफ्फरनगर से बरामद की नाबालिग, चार गिरफ्तार

देहरादून । राजपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग युवती के कथित अपहरण का मामला दून पुलिस की जांच में मानव तस्करी और सौदेबाजी की साजिश के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां नीलम देवी ही पूरे प्रकरण की सूत्रधार निकली। आरोप है कि उसने अपनी 15 वर्षीय बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया और पूरी रकम न मिलने पर अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।

पुलिस के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 को नीलम देवी, निवासी नांगल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून ने थाना राजपुर में अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल पुलिसिंग की मदद ली। इसी क्रम में नाबालिग के मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम वहां रवाना की गई। गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाते हुए पुलिस ने मनीष और लवी कुमार को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद कर लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि लवी कुमार ने पिंकी मलिक नाम की महिला के माध्यम से नाबालिग को उसकी मां नीलम देवी से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में लवी कुमार ने नाबालिग को दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया। पुलिस का कहना है कि मनीष ने विवाह के उद्देश्य से युवती को खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर से और नीलम देवी को आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में नीलम देवी ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ समय पहले देहरादून में एक समारोह के दौरान पिंकी मलिक से हुई थी। बातचीत के दौरान पिंकी मलिक ने एक युवती की जरूरत होने और उसके बदले अच्छी रकम देने की बात कही। आर्थिक तंगी से जूझ रही नीलम देवी ने अपनी नाबालिग बेटी को देने के एवज में डेढ़ लाख रुपये मांगे। सौदा तय होने के बाद पिंकी मलिक ने युवती को अपने परिचित लवी कुमार को सौंप दिया और बाद में उसे आगे मनीष को बेच दिया गया। पुलिस के अनुसार, तय रकम में से 80 हजार रुपये नीलम देवी को दिए गए थे, जबकि बाकी रकम बाद में देने की बात कही गई थी। पूरी रकम न मिलने और पकड़े जाने के डर से नीलम देवी ने बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 64, 3(5), 65(1), 87, 143 बीएनएस तथा 5(एल)/6, 16/17 पॉक्सो अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी खंगाल रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में मनीष पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम घटायन, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर; लवी कुमार पुत्र बिल्लू निवासी नागोंरी, थाना फलावदा, जनपद मेरठ; पिंकी मलिक पत्नी सुकरम निवासी ग्राम कुकड़ा मंडी, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर; तथा नीलम देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी नांगल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून शामिल हैं।

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