

रात 12 बजे से मैदान खाली कराने पर अड़ी कांग्रेस, प्रशासन ने थमाया बन्नू फील्ड का विकल्प
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी और नगर निगम प्रशासन के बीच परेड ग्राउंड को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। मामला 17 जुलाई को प्रस्तावित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी छात्र-छात्राओं से पेपर लीक, भर्ती घोटालों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 जुलाई 2026 को नगर निगम देहरादून के आदेश पर विधिवत रूप से 15 से 17 जुलाई तक के लिए परेड ग्राउंड आरक्षित कराया था। इसके लिए 1 लाख 77 हजार रुपये का निर्धारित शुल्क आरटीजीएस के माध्यम से जमा किया गया, जिसकी रसीद कांग्रेस के पास मौजूद है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि नियमानुसार मैदान आरक्षित होने के बावजूद नगर प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में अनुमति देने में आनाकानी कर रहा है। पत्र में कहा गया कि आरक्षित अवधि रात 12 बजे से शुरू हो रही है और यदि तय समय सीमा में मैदान उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसे नगर निगम प्रशासन की तानाशाही माना जाएगा। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 14 जुलाई रात 11 बजे राजीव भवन स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचने की अपील की गई, जहां से सभी कार्यकर्ता परेड ग्राउंड जाकर पंडाल निर्माण शुरू कराने में सहयोग करेंगे।
कांग्रेस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रशासन ने अब तक केवल मौखिक रूप से स्थल बदलने की बात कही है, जबकि इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। पार्टी ने दोहराया कि 15, 16 और 17 जुलाई के लिए स्वीकृति पहले से प्राप्त है और जब तक लिखित निर्देश नहीं मिलता, कार्यक्रम पूर्व निर्धारित स्थल पर ही आयोजित होगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी की लोकप्रियता से आशंकित होकर कार्यक्रम में व्यवधान डालने का प्रयास कर रही है।
दूसरी ओर प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार 16 और 17 जुलाई को उसी परेड ग्राउंड में राज्यपाल के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। नगर निगम नियमों के तहत पहले से स्वीकृत या चल रहे कार्यक्रम को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। एक नगर निगम अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस को विकल्प के रूप में बन्नू फील्ड की पेशकश की गई है और यदि पार्टी मंगलवार शाम तक सिटी मजिस्ट्रेट की एनओसी उपलब्ध करा देती है तो नियमानुसार स्थल आवंटन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस अब वैकल्पिक स्थल की तलाश में जुट गई है।
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी का 4 जून को प्रस्तावित अल्मोड़ा और पौड़ी दौरा प्रतिकूल मौसम के चलते स्थगित करना पड़ा था। ऐसे में अब 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित उनका कार्यक्रम कांग्रेस के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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