

श्रीनगर। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय “संस्कृतसप्ताहमहोत्सवः-2026” के तहत बुधवार को तृतीय दिवस का कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण तथा विद्यार्थियों द्वारा संस्कृत गीतिका प्रस्तुत की गई। डॉ. विश्वेश वाग्मी ने स्वागत वक्तव्य देते हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिक्षाशास्त्र विभाग के डॉ. अमरजीत सिंह रहे, जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृत भाषा के योगदान और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. मञ्जुला राणा ने की। उन्होंने संस्कृत को समस्त भारतीय भाषाओं की जननी बताया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने एकल गीत प्रस्तुत किया, “अजाविक्रयणम्” नाटक का मंचन किया तथा नीतिपरक सुभाषित श्लोकों का सस्वर पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बालकृष्ण बंधानी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन ध्येयमंत्र एवं शांतिपाठ के साथ हुआ।

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