देहरादून में मतदाता सूची शुद्धिकरण पर जोर: सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी पर विशेष फोकस

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के साथ की समीक्षा बैठक

देहरादून। उत्तराखण्ड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में जाकर बीएलओ से सीधा समन्वय स्थापित करें और मतदाताओं की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करें। बैठक में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान समेत जनपद के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जोगदंडे ने विधानसभावार प्रगति की समीक्षा करते हुए सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी इन चार विधानसभा क्षेत्रों में कार्य को और तेज करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है उन्हें चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सत्यापन और मैपिंग भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य अभिलेखों के आधार पर ही की जाए। इसके साथ ही वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर और अन्य उपलब्ध अभिलेखों से मिलान कर हर प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए। बैठक में 100 से अधिक नोटिस प्राप्त करने वाले मतदेय स्थलों और बीएलओ स्तर पर हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जोगदंडे ने कहा कि अभियान के दौरान गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को माइक्रो लेवल प्लान के अनुसार काम कर तय समयसीमा में पुनरीक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सत्यापन से वंचित न रहे। बैठक के दूसरे चरण में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। जोगदंडे ने दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर मतदाताओं तक आयोग की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम सूची में जोड़ना और अपात्र नाम हटाकर सूची को त्रुटिरहित बनाना है।

डॉ. चौहान ने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा सीटों में बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस वितरित कर रहे हैं। विशेषकर जिन मतदाताओं के अभिलेखों में विसंगति है, मैपिंग शेष है या जिनके प्रपत्र-6, 7 और 8 प्राप्त हुए हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस दिए जा रहे हैं। जनपद में कुल 20.45 लाख मतदाता दायरे में हैं। अब तक 11,90,805 प्रारूप मतदाता पंजीकृत किए जा चुके हैं। अभिलेखों में 3,95,772 मतदाताओं की विसंगति पाई गई है जबकि 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग शेष है। कुल 5,47,942 नोटिस जारी किए जाने हैं जिनमें से 3,91,810 नोटिस अब तक वितरित किए जा चुके हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 03 अगस्त से सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान स्थलों पर सुनवाई शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया विधानसभावार निर्धारित तिथियों तक चलेगी। सुनवाई के दौरान मतदाता आधार के अलावा सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या आवास संबंधी अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं। पारदर्शिता के लिए सभी दलों से अधिक से अधिक बीएलए-1 और बीएलए-2 नियुक्त करने का अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने सभी ईआरओ के नंबर दलों के प्रतिनिधियों से साझा करवाए और एसआईआर से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित सभी ईआरओ उपस्थित थे। चकराता और ऋषिकेश के उप जिलाधिकारी ऑनलाइन जुड़े। भाजपा, कांग्रेस, सीपीआईएम, आप और बसपा के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

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